रोज़ाना सीखने के लिए एक मोबाइल नोट्स ऐप प्लान, डिजाइन और लॉन्च करें — तेज़ कैप्चर, टैग, रिमाइंडर, सिंक और प्राइवेसी‑फर्स्ट फ़ीचर के साथ।

स्क्रीन स्केच करने या टूल चुनने से पहले स्पष्ट करें कि यह ऐप किसी के लिए क्या करेगा — और क्या नहीं। एक दैनिक सीखने वाले नोट्स ऐप लंबे दस्तावेज़ लिखने से कम और छोटे, उपयोगी अंतर्दृष्टि भरोसेमंद तरीके से कैप्चर करके उन्हें स्मृति में बदलने पर ज्यादा केंद्रित होता है।
“दैनिक सीखने की डायरी” कुछ स्पष्ट समूहों की सेवा कर सकती है, जिनकी अपेक्षाएँ अलग होती हैं:
आपको एक साथ सभी के लिए बनाना ज़रूरी नहीं—एक प्राथमिक उपयोगकर्ता चुनें और डिफ़ॉल्ट अनुभव को उसी के अनुसार ट्यून करें।
मुख्य वादा सरल होना चाहिए: ऐप खोलें और 30 सेकंड से कम में आज का लर्निंग रिकॉर्ड करें। इसका मतलब डिफ़ॉल्ट नोट हल्का होना चाहिए (कुछ पंक्तियाँ, शायद एक प्रॉम्प्ट), और ऐप घर्षण कम करे:
दैनिक नोट तभी मायने रखते हैं जब उन्हें फिर से देखना आसान हो। तीन परिणाम लक्षित करें:
प्रारम्भ में मापने योग्य सफलता मानदंड लिखें ताकि प्रोडक्ट फैसले केंद्रित रहें। उदाहरण:
यदि आपका सफलता मीट्रिक “उपयोगकर्ता रोज़ एक सीख कैप्चर करे” है, तो आप जटिल फॉर्मेटिंग की बजाय गति और भरोसेमंदी को प्राथमिकता देंगे—ठीक वही ट्रेड‑ऑफ जो एक फोकस्ड ऐप को करना चाहिए।
स्क्रीन डिज़ाइन या फीचर्स चुनने से पहले उन रोज़मर्रा परिस्थितियों का नक्शा बनाएं जिन्हें आपका ऐप सपोर्ट करेगा। यूज़र स्टोरीज आपको आउटकॉम पर केंद्रित रखती हैं (“मैंने कैप्चर कर लिया”) बजाय UI विवरणों के (“मैंने तीन बटन टेप किए”)। दैनिक सीखने की डायरी के लिए गति, स्पष्टता, और पुन:प्राप्ति को प्राथमिकता दें।
1) Quick Add (capture-first)
यह फ्लो उन "हॉलवे में" क्षणों के लिए है: ऐप खोलें → कर्सर रेडी → टाइप (या वॉयस) → वैकल्पिक एक टैप से टैग → ऑटोमैटिक सेव। अतिरिक्त निर्णय और फील्ड्स से बचें।
2) Full Entry (reflect-and-structure)
यह दिन के अंत के सेशनों के लिए है: नोट बनाएं → शीर्षक जोड़ें → टैग जोड़ें → मुख्य टेकअवे हाइलाइट करें → वैकल्पिक अटैचमेंट/फॉर्मेटिंग → रिमाइंडर या रिव्यू डेट सेट करें। लक्ष्य समृद्ध संदर्भ है बिना होमवर्क जैसा अनुभव दिए।
3) Find & Use (retrieval-first)
होम/सर्च बार → परिणाम सूची → टैग/तारीख से फ़िल्टर → नोट खोलें → क्विक एक्शन्स (एडिट, टैग जोड़ें, पिन, मार्क रिव्यूड)। यह फ्लो गंदे नोट्स और कठिन-से-ढूँढी जानकारी का समाधान करता है।
समायोज्य फॉन्ट साइज, स्पष्ट कंट्रास्ट, बड़े टैप टार्गेट, और कैप्चर के लिए वॉइस इनपुट सपोर्ट करें। सुनिश्चित करें कि सर्च और टैगिंग स्क्रीन रीडर्स और कीबोर्ड नेविगेशन के साथ भी ठीक से काम करें जहाँ लागू हो।
आपका डेटा मॉडल उस “कॉन्ट्रैक्ट” जैसा है जो ऐप उपयोगकर्ताओं के साथ रखता है: नोट क्या है, क्या जोड़ा जा सकता है, और समय के साथ वह कैसे खोजने योग्य और भरोसेमंद रहता है। एक स्पष्ट मॉडल भविष्य में परेशानी वाली मिग्रेशंस को घटाता है।
Note के लिए आम फ़ील्ड्स:
Reminder: scheduled_time, timezone, repeat rules, और completion status रखें।
Notes और tags आमतौर पर many-to-many होते हैं: एक नोट के कई टैग हो सकते हैं, और एक टैग कई नोट्स में जा सकता है। इसको एक जॉइन टेबल/कलेक्शन (उदा., NoteTag) से लागू करें।
Attachments आमतौर पर नोट → अटैचमेंट के बीच one-to-many होते हैं।
Review Sessions अक्सर नोट → Review Session के रूप में one-to-many होते हैं (हर रिव्यू एक रिकॉर्ड बनाता है)।
नोट की परिभाषा (टेक्स्ट, टैग, रिमाइंडर मेटाडेटा) सिंक करें। भारी बाइनरी (अटैचमेंट) पहले लोकली स्टोर करें, फिर बैकग्राउंड में अपलोड करें।
कुछ आइटम लोकल-ओनली रखें: फुल‑टेक्स्ट सर्च इंडेक्स, अस्थायी ड्राफ्ट, और कैशेस। इससे ऐप ऑफ़लाइन तेज रहेगा जबकि उपयोगकर्ता की वास्तविक कंटेंट विश्वसनीय तरीके से सिंक होगी।
एक दैनिक सीखने की डायरी तब सरल महसूस करती है जब संरचना पूर्वानुमानित हो: आज लिखने की एक जगह, बाद में चीजें खोजने की एक जगह, और रिव्यू करने की एक जगह। UI स्क्रीन ड्रॉ करने से पहले तय करें कि ऐप को रोज़ाना कौन-कौन से “जॉब” सपोर्ट करने हैं — कैप्चर, रिकॉल, और रिफ्लेक्ट।
चार‑टैब लेआउट अक्सर पर्याप्त है और लोगों को ऑरिएंट रखता है:
यह "लिखना" एक टैप दूर रखता है जबकि पुन:प्राप्ति और रिफ्लेक्शन भी प्राइम‑फेस बनते हैं।
छोटे, संपूर्ण सेट से शुरू करें जो मुख्य फ्लो कवर करे:
ऊपर आज का नोट दिखाएँ (या एक बड़ा "आज का नोट शुरू करें" बटन अगर खाली है), फिर हालिया नोट्स त्वरित संदर्भ के लिए, साथ ही क्विक एक्शन्स (नया नोट, चेकलिस्ट आइटम जोड़ें, टैग जोड़ें, रिमाइंडर सेट)।
एक हल्का टेम्प्लेट खाली‑पृष्ठ घबराहट घटाता है। प्रॉम्प्ट्स शामिल करें जैसे:
पहले तय करें कि आप Markdown या rich text सपोर्ट करेंगे। किसी भी तरह, बेसिक्स पर ध्यान दें: हेडिंग, बुलेट लिस्ट, चेकलिस्ट, और स्पष्ट सेव स्टेट। फॉर्मेटिंग कंट्रोल्स को न्यूनतम रखें।
एक पढ़ने‑लायक व्यू जिसमें मेटाडेटा (तारीख, टैग, रिमाइंडर) और एक स्पष्ट एडिट बटन हो।
निर्धारित करें कि क्रिएशन कहाँ होता है (Today बनाम वैश्विक "+"), बैक नेविगेशन कैसे काम करता है, और खाली‑स्टेट्स क्या कहते हैं। ये छोटे विवरण पूरे ऐप के अनुभव को आकार देते हैं ज्यादा कि फिरकीदार विजुअल्स।
नोट क्रिएशन स्क्रीन वही जगह है जहाँ आपका ऐप रोज़ाना की आदत बनता है या अनदेखा हो जाता है। गति, स्पष्टता, और “मैं इसे सेकंड में पूरा कर सकता हूँ” की भावना के लिए ऑप्टिमाइज़ करें, जबकि जब उपयोगकर्ता के पास समय हो तो समृद्ध नोट्स भी सपोर्ट हों।
"नया नोट" हर जगह से एक टैप में वापसी योग्य रखें (एक फ्लोटिंग बटन, एक परमानेंट टैब, या लांग‑प्रेस शॉर्टकट)।
आवश्यक फील्ड्स न्यूनतम रखें—आदर्श रूप से नोट बॉडी के अलावा कोई ज़रूरत नहीं। टाइटल वैकल्पिक हो और स्वचालित जनरेट किया जा सके (पहली लाइन, तारीख, या छोटा सार)। कर्सर को टेक्स्ट एरिया में डिफ़ॉल्ट रखें, कीबोर्ड तुरंत दिखाएँ, और लगातार ऑटोसेव रखें ताकि उपयोगकर्ता अपना विचार खोने को लेकर चिंतित न हों।
दैनिक सीखने के नोट्स के लिए एक व्यावहारिक लेआउट:
टैग तभी उपयोगी हैं जब जोड़ना आसान हो। प्रदान करें:
टैग को चिप्स के रूप में दिखाएँ ताकि उपयोगकर्ता कई टैग तेज़ी से टैप कर सकें। कैप्चर के दौरान टैग मैनेजमेंट को मजबूर न करें—एडिटिंग/मर्जिंग टैग कहीं और रख सकते हैं।
सामान्य जोड़ें सपोर्ट करें: इमेज, PDF, और लिंक। अटैच प्रवाह को लगातार रखें (एक बटन, फिर प्रकार चुनें)।
स्टोरेज लिमिट्स रणनीति पहले से परिभाषित करें: जैसे डिफ़ॉल्ट से इमेज compress करें, प्रति‑नोट अटैचमेंट साइज पर कैप लगाएँ, और सीमा पार करने से पहले दोस्ताना वॉर्निंग दिखाएँ। अगर बाद में क्लाउड बैकअप ऑफर करेंगे, तो स्पष्ट दिखाएँ कि क्या लोकली स्टोर है और क्या सिंक हुआ है।
उपयोगकर्ता अपने ज्ञान पर नियंत्रण चाहेंगे। नोट मेनू से एक्सपोर्ट/शेयर ऑफर करें:
यदि आप तेज़ कैप्चर, दर्द‑रहित टैगिंग, और भरोसेमंद अटैचमेंट को सही करते हैं, तो बाकी ऐप को प्यार करना आसान हो जाता है।
दैनिक सीखने की डायरी तब सबसे अधिक मूल्यवान होती है जब आप कहीं भी नोट कैप्चर कर सकें—कम्यूट पर, बेसमेंट क्लासरूम में, या एक त्वरित ब्रेक के दौरान। ऑफ़लाइन को डिफ़ॉल्ट मानें: ऐप तुरंत खुले, आपके ताज़ा नोट्स दिखाए, और आप बिना नेटवर्क के भी क्रिएट/एडिट/टैग/सर्च कर सकें।
परिवर्तनों को पहले लोकली स्टोर करें (लोकल DB अच्छा काम करता है) और उन्हें “पेंडिंग सिंक” के रूप में मार्क करें। UI को सफलता मानकर काम करना चाहिए: इंटरनेट गिरने पर भी उपयोगकर्ता लिखते रहें। कनेक्टिविटी लौटने पर सिंक चुपचाप बैकग्राउंड में होना चाहिए।
पहले तय कर लें कि आप समर्थन करेंगे:
ऑनबोर्डिंग और सेटिंग्स में स्पष्ट रहें। सिंक से जुड़े सरप्राइज़ भरोसा तोड़ सकते हैं।
जब एक ही नोट दो डिवाइसेज़ पर सिंक से पहले एडिट हो जाएं, तो कॉन्फ्लिक्ट होते हैं:
सिंक इवेंट‑ड्रिवन और विनम्र होना चाहिए: परिवर्तन बैच करें, लगातार पोलिंग से बचें, और OS के अनुमति देने पर काम शेड्यूल करें (उदा., ऐप खुलने पर, डिवाइस चार्ज पर, या Wi‑Fi पर)। स्पष्ट “Sync now” एक्शन और "Last synced X मिनट पहले" जैसी स्थिति दिखाएँ।
एक दैनिक सीखने की डायरी तभी काम करती है जब आप सही आइडिया को विश्वसनीय रूप से ढूंढ सकें। सर्च और संगठन केवल "नाइस टू हैव" फीचर्स नहीं हैं—ये एक पाइल ऑफ नोट्स को उपयोगी मोबाइल नोट्स ऐप में बदल देते हैं।
शुरू करें फुल‑टेक्स्ट सर्च से across note titles और bodies, और टैग्स को भी उसी क्वेरी में शामिल करें ताकि उपयोगकर्ता अनुमान न लगाएँ कि कुछ कहाँ स्टोर हुआ था।
लक्ष्य रखें:
लोग अक्सर याद रखते हैं कि उन्होंने कब कुछ लिखा था, किस टॉपिक का था, या कितना महत्वपूर्ण लगा। ऐसे सरल फ़िल्टर जोड़ें जो उन मानसिक शॉर्टकट्स से मेल खाते हैं:
फिल्टर्स को ऐसे सॉर्ट विकल्पों के साथ जोड़ें जो रिव्यू हैबिट्स को सपोर्ट करें:
जैसे-जैसे नोट DB बढ़ती है, सर्च तेज़ रहनी चाहिए। शुरू से ही इंडेक्सिंग स्ट्रैटजी प्लान करें: सामान्यतः क्वेरी किए जाने वाले फील्ड्स (title, body, tag names, updated date, favorite flag) को इंडेक्स करें। यदि आप ऑफलाइन-फर्स्ट नोट्स सपोर्ट करते हैं, तो सर्च इंडेक्स डिवाइस पर रखें ताकि परिणाम कनेक्टिविटी पर निर्भर न हों।
कैशिंग भी मायने रखती है। हाल की सर्च और आख़िरी परिणाम सेट को कैश करें ताकि उपयोगकर्ता तुरंत वापिस जा सकें। स्क्रॉलिंग के दौरान भारी रेंडरिंग से बचने के लिए पहले N कैरैक्टर का प्री‑कम्प्यूटेड प्रीव्यू टेक्स्ट रखें।
जब यह ठीक से किया जाता है, सर्च और संगठन क्लाउड सिंक नोट्स को दृश्यहीन बना देते हैं — आपकी सामग्री बस वहाँ होती है, तेज़ी से मिलती है, और रिव्यू के लिए तैयार रहती है।
दैनिक सीखने की डायरी असली मूल्य तब देती है जब यह लोगों को बिना गिल्ट बनाए बार‑बार लौटने में मदद करे। रिमाइंडर्स, स्ट्रीक्स, और रिव्यू वर्कफ़्लो हल्के, वैकल्पिक, और ट्यून करने में आसान होने चाहिए।
उपयोगकर्ताओं को एक रिमाइंडर समय चुनने दें और टाइमज़ोन हैंडलिंग स्पष्ट रखें। रिमाइंडर्स के लिए व्यावहारिक कंट्रोल्स:
"नज�द लेटर" जैसी क्रिया भी दें (उदा., 1 घंटे में फिर याद दिलाएँ) ताकि लोग अपनी मंशा बनाए रखें बिना बाधा के।
स्ट्रीक्स कुछ उपयोगकर्ताओं को प्रेरित करते हैं और दूसरों को तनाव देते हैं। इन्हें ऑप्ट‑इन रखें और प्रोग्रेस के रूप में फ्रेम करें, सज़ा के रूप में नहीं। कॉन्फ़िगरेशन छोटा रखें:
लीडरबोर्ड या जटिल गेमिफिकेशन से बचें जब तक ऑडियंस माँगे न।
नोट्स को स्टोरेज में गायब होने से बचाने के लिए रिव्यू लूप जोड़ें। दो आसान विकल्प:
नोटिफ़िकेशन को एक मैत्रीपूर्ण असिस्टेंट की तरह लिखें:
भाषा विशिष्ट रखें, आसान स्नूज़ दें, और हमेशा ऑफ स्विच शामिल करें।
आपका टेक स्टैक टीम की स्किल्स और प्रोडक्ट की ज़रूरतों से मेल खाना चाहिए: तेज़ नोट कैप्चर, ऑफ़लाइन भरोसेमंदी, और सुरक्षित सिंक। उन टूल्स को चुनें जिनसे आप शिप कर सकें (और मेंटेन कर सकें)।
नेटिव (Swift iOS के लिए, Kotlin Android के लिए) बेहतरीन प्लेटफ़ॉर्म अनुभव, उच्च परफ़ॉर्मेंस, और डीप OS इंटीग्रेशन देता है (विजेट्स, शेयर शीट, बैकग्राउंड टास्क)। ट्रेड‑ऑफ: दो बार सब कुछ बनाना।
क्रॉस‑प्लेटफ़ॉर्म (Flutter या React Native) साझा कोडबेस से विकास तेज़ कर सकते हैं और UI सुसंगत रख सकते हैं। नोट्स ऐप के मामले में अधिकांश स्क्रीन फॉर्म‑और‑लिस्ट ड्रिवन होते हैं, इसलिए यह आकर्षक है। ट्रेड‑ऑफ: कुछ प्लेटफ़ॉर्म‑विशेष फीचर्स के लिए कस्टम नेटिव मॉड्यूल की ज़रूरत पड़ सकती है।
व्यावहारिक नियम: अगर आपकी टीम छोटी है और दोनों प्लेटफ़ॉर्म पर जल्दी लॉन्च करना है तो क्रॉस‑प्लेटफ़ॉर्म से शुरू करें। यदि आपके पास iOS/Android विशेषज्ञ हैं या प्लेटफ़ॉर्म‑ओनली फीचर्स पर निर्भरता है, तो नेटिव जाएँ।
ऑफ़लाइन‑फर्स्ट नोट्स के लिए लोकल स्टोरेज अनिवार्य है:
क्लाउड सिंक ऑफर करते समय योजना बनाएं:
MVVM या Clean Architecture जैसे स्पष्ट स्ट्रक्चर का उपयोग करें ताकि UI, स्टोरेज, और सिंक उलझे न रहें। "नोट एडिटिंग" लॉजिक को स्क्रीन से स्वतंत्र रखें, और DB/नेटवर्क विवरण को सरल इंटरफेस के पीछे छिपाएँ। इससे बाद में टैग्स, रिमाइंडर, या एन्क्रिप्शन जोड़ना आसान होगा बिना बड़े री‑राइट के।
यदि आपका लक्ष्य UX जल्दी वेरीफ़ाई करना है — कैप्चर फ्लो, टैगिंग UI, सर्च, और बेसिक सिंक — तो आप MVP को प्रोटोटाइप करने के लिए Koder.ai जैसे वाइब‑कोडिंग प्लेटफ़ॉर्म का उपयोग कर सकते हैं। चैट इंटरफ़ेस में स्क्रीन और फ्लो वर्णन करके आप तेज़ी से इटरेट कर सकते हैं।
Koder.ai खासकर तब उपयोगी है जब आप आधुनिक, प्रोडक्शन‑ओरिएंटेड स्टैक चाहते हैं बिना हफ्तों के स्कैफ़ोल्डिंग खर्च के:
यह सोर्स कोड एक्सपोर्ट, डिप्लॉयमेंट/होस्टिंग, कस्टम डोमेन्स, स्नैपशॉट्स, और रोलबैक भी सपोर्ट करता है—जब आप आवश्यकताएँ परिष्कृत कर रहे हों तो यह काम आता है।
सिक्योरिटी और प्राइवेसी सबसे आसान तब सही होती है जब वे पहली ड्राफ्ट का हिस्सा हों—न कि शिप करने के बाद पैच। दिनचर्या‑नोट्स में अक्सर व्यक्तिगत चिंतन, कार्य‑विवरण, और आदतें होती हैं, इसलिए उपयोगकर्ता को शुरुआत से ही सुरक्षित महसूस करना चाहिए।
पहले तय कर लें कि लोग अपने नोट्स तक कैसे पहुंचेंगे:
व्यावहारिक तरीका: पहले से डिवाइस‑ओनली मोड सपोर्ट करें, और जब उपयोगकर्ता सिंक चाहता है तब अकाउंट जोड़ने की अनुमति दें।
माना जाए कि डिवाइस खो सकती है या उधार दी जा सकती है। रेस्ट‑प्रोटेक्शन में शामिल करें:
स्पष्ट बताएं कि ऐप लॉक क्या करता है और क्या नहीं। यह आकस्मिक एक्सेस रोकता है, पर यह प्रत्येक नोट को उस सीक्रेट से एन्क्रिप्ट करने जैसा नहीं है जिसे केवल उपयोगकर्ता जानता हो।
जब भी नोट्स डिवाइस छोड़ें, उन्हें TLS से सुरक्षा दें (मानक सिक्योर कनेक्शन)। यदि आप end-to-end encryption (E2EE) विचार कर रहे हैं, तो ट्रेड‑ऑफ जल्द तय कर लें:
अपनी प्राइवेसी नीति सरल और स्पष्ट रखें:
इन निर्णयों को शुरुआती दौर में सही करने से रिस्क कम होगा, भरोसा बढ़ेगा, और भविष्य के फीचर्स अनजाने में प्राइवेसी कमजोर नहीं करेंगे।
क्वालिटी ज्यादातर भरोसे के बारे में है: उपयोगकर्ताओं को महसूस होना चाहिए कि वे त्वरित विचार लिख सकते हैं और बाद में पाएंगे, चाहे उनका फोन ऑफ़लाइन हो, स्टोरेज कम हो, या टाइमज़ोन बदल रहा हो।
आपकी टेस्ट सूट रोज़ाना किए जाने वाले कार्यों पर केंद्रित होनी चाहिए:
जहाँ संभव हो UI टेस्ट से ऑटोमेट करें, और पार्सिंग, इंडेक्सिंग, और सिंक कॉन्फ्लिक्ट नियमों के लिए यूनिट टेस्ट रखें।
नोट्स ऐप बिना ग्लैमर के स्थितियों में फेल होता है, इसलिए उन्हें जानबूझकर सिम्युलेट करें:
सुनिश्चित करें कि रिमाइंडर और स्ट्रीक लॉजिक समय बदलने पर दिनों को डबल‑काउंट या स्किप न करे।
एक एनालिटिक्स योजना बनाएं जो फीचर उपयोग ट्रैक करे पर कंटेंट न पढ़े:
note_created, search_used, reminder_setजल्दी से रियल‑वर्ल्ड इश्यू फिक्स करने के लिए क्रैश रिपोर्टिंग सेट करें। ऐप स्टार्ट धीमा होने, सेविंग के समय लैग, और सर्च समय के लिए बेसिक परफ़ॉर्मेंस मॉनिटरिंग जोड़ें। नोट एडिटर या सिंक पाइपलाइन में हर क्रैश को टॉप‑प्रायोरिटी बग मानें, क्योंकि यह सीधे उपयोगकर्ता का भरोसा प्रभावित करता है।
एक अच्छा लॉन्च बड़ा धमाका नहीं बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि नए उपयोगकर्ता पहले पांच मिनट में सफल हों। पहले एक छोटा कंट्रोल्ड बीटा प्लान करें, फिर बेसिक्स स्मूद लगने पर विस्तार करें।
बीटा को उन पलों पर फोकस करें जहाँ लोग आमतौर पर ड्रॉप होते हैं:
बीटा फीडबैक स्ट्रक्चर्ड रखें: एक सप्ताह के उपयोग के बाद 3–5 प्रश्न पूछें (पहले सेशन के बाद नहीं)।
स्टोर एसेट्स को उत्पाद का हिस्सा समझें:
एक हल्का इन‑ऐप फीडबैक विकल्प जोड़ें (कुंजी पलों पर थम्ब्स अप/डाउन और "क्या हुआ" बताने का विकल्प)। ऐप के अंदर छोटे अपडेट नोट्स प्रकाशित करें ताकि उपयोगकर्ता प्रगति देखें।
प्राथमिकता के लिए,Retention बढ़ाने वाली चीजों की तरफ झुकाव रखें: जो उपयोगकर्ताओं को तेज़ी से नोट बनाने, उन्हें भरोसे से खोजने, और सिंक पर भरोसा करने में मदद करे। अनुरोध इनपुट दें, पर निर्णय पैटर्न्स के आधार पर लें—खासकर वीक‑वन उपयोग में बार‑बार आने वाले फ्रिक्शन पर।
Start by picking a primary user (students, self-learners, or professionals) and writing one clear promise, such as: “Capture today’s learning in under 30 seconds.” Then define 2–3 measurable success metrics like 7/30-day retention, days per week with a saved note, and % of sessions that end with a saved note.
Treat Quick Add as the default: open app → cursor ready → type/voice → optional tag → autosave. Remove decisions (no required title, minimal fields) and use smart defaults like today’s date and last-used tags.
Design these first:
Start with a small set of core entities:
A simple four-tab structure is often enough:
“Writing” should always be one tap away.
Pick one early and commit, because it affects editing, export, and rendering:
Whichever you choose, nail basics like lists, checklists, and a clear save/autosave state.
Use an offline-first approach:
This keeps capture reliable even with flaky networks.
For notes, avoid silent overwrites:
Ship full-text search early and make it fast:
Index commonly queried fields and keep the search index on-device for offline speed.
Keep habit features gentle and optional:
Always include an off switch for notifications and gamification.
Keep it extensible, but ship the minimum fields first.