ट्रैकिंग और वर्कआउट प्लान के साथ मोबाइल फिटनेस ऐप कैसे बनाएं: मुख्य फीचर, UX फ्लो, डेटा विकल्प, टेक स्टैक, गोपनीयता, परीक्षण और लॉन्च।

ज्यादातर फिटनेस ऐप इसलिए फेल होते हैं क्योंकि वे सब कुछ एक साथ करने की कोशिश करते हैं। स्क्रीन स्केच करने या टेक स्टैक चुनने से पहले तय करें कि आपका ऐप असल में किसलिए है—और क्या नहीं है।
एक प्राथमिक वादा चुनें जिसे उपयोगकर्ता एक वाक्य में दोहरा सके। उदाहरण:
यह निर्णय हर बाद के ट्रेड‑ऑफ को प्रभावित करता है: होम स्क्रीन, नोटिफिकेशन, आप कौन सा डेटा स्टोर करेंगे, और कौन से फीचर बाद में आ सकते हैं।
“हर कोई जो वर्कआउट करता है” से बचें। एक समूह चुनें जिसकी दिनचर्या और सीमाएँ साझा हों:
संदेह में, उस ऑडियंस को चुनें जिसे आप आसानी से पहुंचा और इंटरव्यू कर सकते हैं।
मीट्रिक्स को वादे से जोड़ें:
आपका MVP सबसे कम हिस्सों से वैल्यू साबित कर सके। वर्कआउट प्लान ऐप के लिए व्यावहारिक MVP में हो सकता है: अकाउंट क्रिएशन, एक छोटी एक्सरसाइज़ लाइब्रेरी, 1–3 बिगिनर प्लान, वर्कआउट लॉगिंग, और एक सरल प्रोग्रेस व्यू।
वियरेबल्स, सोशल फीड और उन्नत पर्सनलाइज़ेशन बाद में रखिये—जब उपयोगकर्ता लगातार पहला सप्ताह पूरा कर लें।
फीचर की नकल करने के लिए नहीं, बल्कि पैटर्न, उपयोगकर्ता की निराशाएँ और जिसके लिए लोग भुगतान करते हैं पहचानने के लिए मार्केट मैप करें।
30–60 मिनट में आप यह देख सकते हैं:
तुलना करते समय उन गैप्स को ढूँढें जो उपयोगकर्ता महसूस करते हैं:
एक वाक्य लिखें जिसे आप बचा सकें:
“एक बिगिनर‑फ्रेंडली वर्कआउट प्लानर जो 2 मिनट से कम में एक स्पष्ट 8‑सप्ताह प्रोग्राम बनाता है और पूरा किए गए सेट्स के आधार पर वज़न और वॉल्यूम ऑटो‑एडजस्ट करता है—कोई मैन्युअल गणना नहीं।”
अगर आप इसे एक वाक्य में नहीं कह सकते, तो यह अभी ढंग से डिफरेंशिएट नहीं है।
5–10 त्वरित इंटरव्यू (15 मिनट हर एक) या एक छोटा सर्वे चलाएँ। पूछें:
उपयोगकर्ताओं ने जो सटीक वाक्य कहे, उन्हें रिकॉर्ड करें—वे बाद में आपके UX कॉपी और मार्केटिंग में काम आएँगे।
“फन” फीचर्स जोड़ने से पहले अपने प्रोडक्ट के दो इंजन लॉक करें: ट्रैकिंग (यूज़र ने क्या किया) और प्लान (यूज़र को आगे क्या करना चाहिए)। यदि ये सहज लगें, तो लोग वापस आते हैं।
उन न्यूनतम चीज़ों से शुरू करें जो असली प्रगति और तेज़ लॉगिंग को सपोर्ट करती हैं:
लॉगिंग को तेज़ बनाएं: पिछले उपयोग किए गए मान डिफॉल्ट करें, “पिछला वर्कआउट दोहराएँ” की अनुमति दें, और एडिटिंग सरल रखें। एक उपयोगी नियम: उपयोगकर्ता को एक सेट कुछ टैप्स में रिकॉर्ड करना चाहिए, यहाँ तक कि वर्कआउट के बीच भी।
वर्कआउट प्लान ऐप को संरचना चाहिए बिना हर किसी को एक शैली में जबरदस्ती ढकेलने के:
प्लान को लचीला रखें: लोग सत्र मिस करते हैं। उन्हें वर्कआउट मूव करने, एक्सरसाइज़ स्वैप करने और बिना “प्रोग्राम टूटे” जारी रखने दें।
ऐसे रिटेंशन फीचर्स जोड़ें जो हैबिट को सपोर्ट करें:
स्ट्रीक्स, माइलस्टोन्स (जैसे “10 वर्कआउट पूरे किए”), और प्लान शेड्यूल से जुड़े कोमल रिमाइंडर। शुरुआती चरण में बहुत गेमिफिकेशन से बचें; मुख्य रिवॉर्ड स्पष्ट प्रगति होनी चाहिए।
शामिल करें: प्रोफ़ाइल, गोल्स, पसंदीदा यूनिट (kg/lb), उपलब्ध उपकरण (जिम, होम, डम्बल)। ये विकल्प टेम्पलेट और एक्सरसाइज़ को पर्सनलाइज़ कर दें।
सोशल फीड्स, कोचिंग मार्केटप्लेस, चैलेंज और न्यूट्रिशन लॉगिंग वैल्यूएबल हो सकते हैं—लेकिन वे जटिलता और मॉडरेशन ओवरहेड जोड़ते हैं। MVP को पहले ट्रैकिंग + प्लान्स के साथ शिप करें, फिर उपयोगकर्ताओं की माँग के अनुसार विस्तार करें।
फिटनेस ट्रैकिंग ऐप की ज़िंदगी पहले पाँच मिनट में तय होती है। आपका काम डाऊनलोड से “मैंने कुछ पूरा किया” तक पहुँचाना है, कम से कम घर्षण के साथ।
महत्वपूर्ण पाथ का स्केच बनाएं:
इस फ्लो को “हैप्पी‑पाथ” फ्रेंडली रखें। अगर उपयोगकर्ता 12 गोल्स में फंस जाए या विस्तृत मेट्रिक्स सेट करते‑हुए अटक जाए तो वे वैल्यू देखने से पहले ही बाउंस कर देंगे।
केवल वही पूछें जो पहले अनुभव के लिए ज़रूरी हो। एक सरल तरीका:
बाकी विवरण वर्कआउट के बाद या प्लान स्क्रीन पर छोटे प्रॉम्प्ट के रूप में ले सकते हैं।
ज्यादातर उपयोगकर्ता चार चीजों में से एक करने लौटते हैं। नेविगेशन को इस तरह व्यवस्थित करें:
एक बिगिनर प्लान और सरल ट्रैकिंग डिफॉल्ट के रूप में ऑफर करें। लोगों को “काफी अच्छा” लॉगिंग से शुरू करने दें (उदा., समय + प्रयास) और बाद में अधिक विस्तृत ट्रैकिंग अनलॉक करें।
एक तेज़ शुरुआत निर्णय‑थकान को कम करती है और भरोसा बनाती है क्योंकि ऐप मददगार लगता है, मांगलायक नहीं।
एक फिटनेस ऐप स्मार्ट तब महसूस होता है जब वह सही चीज़ें याद रखता है—और प्रगति इस तरह दिखाता है जैसा लोग वास्तव में ट्रेन करते हैं। यह एक साफ डेटा मॉडल से शुरू होता है जो रियल‑लाइफ़ बिहेवियर सहन कर सके: मिस्ड वर्कआउट, एडिट किए गए वज़न, टाइमज़ोन बदलाव और धमकी कनेक्टिविटी।
कोर ऑब्जेक्ट्स मॉडल करें:
वैकल्पिक फ़ील्ड्स वास्तव में वैकल्पिक रखें। नोट्स, RPE, अटैचमेंट्स किसी सेशन को सेव करने में बाधा न बनें।
सुस्पष्ट रणनीति चुनें:
एडिट्स को कैसे संभालना है:
भले ही आपका MVP ऑनलाइन‑ओनली हो, पहचान और कॉन्फ्लिक्ट नियम ऐसे रखें जैसे ऑफ़लाइन मौजूद होगा। स्टेबल IDs, "last updated" ट्रैक करें, और परिभाषित करें कि दो डिवाइस पर एक ही वर्कआउट एडिट होने पर क्या होगा।
कुछ व्यू रखें जो पुरस्कृत और व्यावहारिक लगें:
इंसाइट्स को वर्णनात्मक और वैकल्पिक रखें (“आपकी साप्ताहिक वॉल्यूम 12% बढ़ी”) बजाय स्वास्थ्य परिणाम का दावा करने के।
वर्कआउट प्लान सिस्टम वह इंजन है जो एक फिटनेस ट्रैकिंग ऐप को दिन‑प्रतिदिन फॉलो करने योग्य बनाता है। कुंजी: प्लान को हार्ड‑कोड रूटीन के बजाय लचीले बिल्डिंग ब्लॉक्स के रूप में मॉडल करें।
सुनिश्चित संरचना से शुरू करें ताकि हर प्लान क्रिएट, डिस्प्ले और एडिट एक ही तरीके से हो सके। न्यूनतम सेट:
फिर हर सप्ताह/दिन को वर्कआउट्स के अनुक्रम के रूप में और हर वर्कआउट को एक्सरसाइज़ की सूची के रूप में प्रदर्शित करें जिसमें सेट, रेप, समय, रेस्ट और नोट्स हों।
लोग उम्मीद करते हैं कि प्लान विकसित होगा। सरल प्रोग्रेशन लॉजिक जोड़ें जिसे आप स्पष्ट रूप से समझा सकें:
नियम पारदर्शी रखें: दिखाएँ कि अगले सप्ताह क्या बदलेगा और क्यों।
लोगों को वास्तविक जीवन के अनुसार एडजस्ट करना होगा। समर्थन दें:
रिकॉर्ड करने के दो तरीके ऑफर करें:
सुरक्षा नोट्स और फॉर्म क्यू जोड़ें जहाँ प्रासंगिक हों (गैर‑मेडिकल), जैसे “न्यूट्रल स्पाइन बनाए रखें” या “तेज़ दर्द महसूस हो तो रुकें” — बिना चोट का निदान करने का दावा किए।
आपका वर्कआउट प्लान सिस्टम उतना ही अच्छा है जितनी अच्छी एक्सरसाइज़ सामग्री इसके पीछे है। स्पष्ट निर्देश, सुसंगत नामकरण, और तेज़ सर्च वही चीज़ें हैं जो ऐप को आसान बनाती हैं।
वो फ़ॉर्मेट चुनें जो मूवमेंट जल्दी सिखाए:
MVP के लिए बेहतर है कम एक्सरसाइज़ उच्च‑गुणवत्ता गाइडेंस के साथ देना बजाय सैकड़ों अस्पष्ट एंट्रीज़ के।
UX और सर्च दोनों के लिए संगति महत्वपूर्ण है। एक नामकरण शैली चुनें (उदा., “Dumbbell Bench Press” vs “Bench Press (Dumbbell)”) और उसी पर टिके रहें।
टैग बनाएं जो बिगिनर के तरीके से सोचे गए हों:
यह टैगिंग वर्कआउट प्लानर के फिल्टर्स की रीढ़ बनेगी और बाद में डुप्लिकेट एक्सरसाइज़ रोकती है।
आपके पास आमतौर पर तीन विकल्प होते हैं: इन‑हाउस, लाइसेंस्ड, या यूज़र‑जनरेटेड (आम तौर पर बाद में, जब मॉडरेशन और ट्रस्ट हल हो)। शुरुआती चरण में मालिकाना स्पष्ट रखें—खास तौर पर अगर आप ट्रेनर्स, स्टॉक वीडियो, या थर्ड‑पार्टी लाइब्रेरी का उपयोग करते हैं।
छोटे क्लिप लंबे वीडियो से बेहतर हैं। "Wi‑Fi पर डाउनलोड" विकल्प दें, और सूचियों में ऑटोप्ले से बचें। तेज़ लोडिंग रिटेंशन बढ़ाती है और डेटा उपयोग की शिकायतें घटाती है।
बिगिनर्स परफेक्ट शब्द नहीं टाइप करेंगे। पर्यायवाची समर्थन करें (“abs” → “core”), सामान्य टाइपो, और सरल फिल्टर्स जैसे No equipment, Back pain friendly (यदि यह मेडिकल रूप से उपयुक्त हो), और Beginner।
एक अच्छा नियम: उपयोगकर्ता को 10 सेकंड के अंदर एक सुरक्षित विकल्प मिल जाना चाहिए।
आपका टेक स्टैक आपकी टीम की क्षमताओं और ज़रूरत के अनुसार होना चाहिए, न कि सिर्फ जो ट्रेंडी हो। फिटनेस ऐप आर्किटेक्चर को ऑफ़लाइन उपयोग, विश्वसनीय सिंक, और बार‑बार परिवर्तन के लिए समर्थन करना चाहिए।
यदि आपकी टीम Swift (iOS) और Kotlin (Android) में मजबूत है, तो नेटिव ऐप्स अक्सर स्मूथ UI और डिवाइस सेंसर तक आसान एक्सेस देते हैं।
एक ही कोडबेस से तेज़ी से शिप करना हो तो Flutter या React Native काम कर सकते हैं—खासतौर पर MVP के लिए—बशर्ते आप एज‑केस (बैकग्राउंड सिंक, ब्लूटूथ/वियरेबल्स, पुराने डिवाइस पर प्रदर्शन) के लिए अतिरिक्त समय रखें।
एक साधारण वर्कआउट प्लानर भी छोटे पर मजबूत बैकएंड से फ़ायदा उठाता है। कम से कम:
यह “फीचर डेट” रोकता है जहाँ आप बाद में कोर हिस्से को फिर से बनाते हैं।
ज्यादातर फिटनेस ऐप जिम में कम सिग्नल वाली जगहों पर उपयोग होते हैं, इसलिए डिफ़ॉल्ट रूप से ऑफ़लाइन‑फर्स्ट डिज़ाइन करें। एक सामान्य दृष्टिकोण:
वियरेबल्स और हेल्थ प्लेटफ़ॉर्म (Apple Health, Google Fit, Garmin) रिटेंशन बढ़ा सकते हैं—पर केवल तब जब वे आपके कोर यूज़‑केस को सपोर्ट करें। इंटीग्रेशंस को एड‑ऑन के रूप में ट्रीट करें: पहले कोर ट्रैकिंग बनाएं, फिर जोड़ें जहाँ वास्तविक वैल्यू हो।
कोडिंग से पहले एक हल्का स्पेक लिखें: प्रमुख स्क्रीन, डेटा फ़ील्ड और API एंडपॉइंट। एक सिंपल साझा डॉक्यूमेंट (या /blog/product-spec-template) डिजाइन और डेवलपमेंट को संरेखित करता है और आपको स्प्रिंट के बीच में फ्लोज़ फिर से बनाने से बचाता है।
अगर आपका मुख्य प्रतिबंध टाइम‑टू‑फर्स्ट‑रिलीज़ है, तो ऐसा बिल्ड वर्कफ़्लो देखिए जो आपके स्पेक से एक काम करने वाला बेसलाइन ऐप जेनरेट कर सके और आप तेजी से इटरेट करें। उदाहरण के लिए, Koder.ai टीमों को चैट के जरिए वेब, बैकएंड और मोबाइल ऐप का प्रोटोटाइप जल्दी बनाने में मदद करती है—बाद में सोर्स कोड एक्सपोर्ट करने का विकल्प के साथ। प्लैनिंग मोड और स्नैपशॉट/रोलबैक जैसे फ़ीचर उन टीमों के लिए उपयोगी हैं जो साप्ताहिक उत्पाद आवश्यकताओं पर इटरेट कर रही हैं।
एक फिटनेस ऐप जल्दी‑जल्दी व्यक्तिगत बन जाता है: वर्कआउट, बॉडी मेट्रिक्स, रूटीन, और अगर आप रन मैप करते हैं तो लोकेशन भी। भरोसा "नाइस‑टू‑हैव" नहीं है—यह एक कोर प्रोडक्ट फीचर है।
सरल नियम: जितना कम डेटा चाहिए उतना ही इकट्ठा करें जो अनुभव देने के लिए ज़रूरी हो।
परमिशन उसी मोमेंट पर माँगे जब वे ज़रूरी हो (फर्स्ट लॉन्च पर नहीं), और कारण सादे भाषा में बताएं।
उदाहरण:
“परमिशन क्रीप” से बचें। अगर किसी फीचर को संवेदनशील एक्सेस की ज़रूरत नहीं, तो उसे न माँगे “शायद बाद में” के कारण।
Settings से आसानी से उपलब्ध बेसिक कंट्रोल रखें:
ये कंट्रोल सपोर्ट टिकट घटाते हैं और लम्बे समय में भरोसा बढ़ाते हैं।
कम से कम, मजबूत पासवर्ड नियम और रेट‑लिमिटिंग लागू करें। विचार करें:
शेयर्ड डिवाइस का ध्यान रखें: इन‑ऐप लॉक (PIN/बायोमेट्रिक) दें यदि आप जिम टैबलेट या फैमिली फोन की उम्मीद करते हैं।
यदि आप बॉडी मेज़रमेंट, चोटों, गर्भावस्था‑संबंधी नोट्स या कोई भी मेडिकल‑संबंधित जानकारी स्टोर करते हैं, तो अपने लक्षित क्षेत्रों के लिए कानूनी मार्गदर्शन लें। आवश्यकताएँ देश और डाटा के प्रकार के अनुसार बदल सकती हैं।
स्पष्ट सहमति स्क्रीन लिखें जो वास्तविक व्यवहार से मेल खाती हों। कोई छिपा‑ट्रैकिंग नहीं, कोई अस्पष्ट भाषा नहीं। यदि आप एनालिटिक्स उपयोग करते हैं तो उद्देश्य बताएं (“onboarding completion सुधारना”) और उपयोगकर्ताओं को उपयुक्त रूप से आउटकॉम चुनने दें।
अच्छी तरह की गई गोपनीयता वृद्धि धीमा नहीं करती—यह एक ऐसा प्रोडक्ट बनाती है जिसे लोग सुझाते हैं।
फिटनेस ऐप भरोसे पर जीवित रहता है: उपयोगकर्ता उम्मीद करते हैं कि उनका वर्कआउट सही तरीके से सेव हो, मेट्रिक्स ठीक जोड़ें, और प्लान तब भी उपयोगी रहे जब ज़िन्दगी (और कनेक्टिविटी) गड़बड़ा दे। लॉन्च से पहले रोज़मर्रा की दोहराई जाने वाली क्रियाओं पर ध्यान दें।
“हैप्पी पाथ” टेस्ट चलाएँ जैसे कि आप नया उपयोगकर्ता हों। क्या कोई बिना अटके ऑनबोर्डिंग पूरा कर सकता है, एक मिनट में वर्कआउट लॉग कर सकता है और प्लान फॉलो करना शुरू कर सकता है?
साथ ही सामान्य डिटोर्स टेस्ट करें: ऑनबोर्डिंग स्किप, गोल बदलना बीच में, लॉग किए गए सेट को एडिट करना, या अधूरा वर्कआउट और बाद में लौटकर पूरा करना। यही जगहें हैं जहाँ फ्रस्ट्रेशन (और churn) शुरू होते हैं।
पुराने और नए डिवाइस का मिश्रण टेस् करें। स्टार्टअप टाइम, लंबी सूचियों में स्क्रॉल प्रदर्शन, और एक्टिविटी ट्रैकिंग के दौरान बैटरी प्रभाव पर ध्यान दें।
ऑफ़लाइन सिनारियो शामिल करें: बिना सिग्नल वर्कआउट लॉग करें, फिर कनेक्ट करें। पुष्टि करें कि डेटा सिंक पूर्वानुमेय है और डुप्लिकेट या गायब सेशन नहीं बनता।
क्रैश चेक महत्वपूर्ण हैं: वर्कआउट के बीच ऐप फोर्स‑क्लोज करें, ऐप बदलें, स्क्रीन घुमाएँ और देखें कि कुछ टूटता नहीं।
आपके प्रोग्रेस मीट्रिक्स को अकाउंटिंग की तरह ट्रीट करें। छोटे टेस्ट वर्कआउट बनाएं जहाँ सही टोटल पहले से ज्ञात हों (वॉल्यूम, समय, कैलोरी यदि दिखाते हैं), स्ट्रीक बिहेवियर, प्लान कंप्लीशन रेट और साप्ताहिक समरियां।
इन अपेक्षाओं को लिखें और बदलाव के बाद दोबारा चलाएँ—यह छोटे रिग्रेशन पकड़ने का आसान तरीका है।
एक छोटा बीटा ग्रुप रिक्रूट करें जो आपकी टार्गेट ऑडियंस से मिलते‑जुलते हों और उन्हें सप्ताह भर ऐप उपयोग करने के लिए कहें। पैटर्न देखें: कहाँ वे हिचकते हैं, क्या इग्नोर करते हैं, और क्या गलत समझते हैं।
सरल इशू ट्रायज रूटीन सेट करें: बग लेबलSeverity के अनुसार करें (blocking, major, minor), शीर्ष ब्लॉकर्स पहले फिक्स करें, और एक छोटी “नेक्स्ट बिल्ड” सूची रखें ताकि सुधार जल्दी शिप हों।
मनीटाइज़ेशन को एक निष्पक्ष अपग्रेड की तरह महसूस होना चाहिए, टोल बूथ की तरह नहीं। कोर हैबिट लूप (लॉग वर्कआउट → प्रोग्रेस देखें → प्रेरित रहें) को पेवॉल के पीछे बंद कर देना भरोसा खो देता है।
ज्यादातर फिटनेस ऐप फ्री + पेइड सब्सक्रिप्शन के साथ सफल होते हैं क्योंकि यह निरंतर वैल्यू के साथ राजस्व को जोड़ता है (नए प्लान, इंसाइट्स, कंटेंट)। एक‑टाइम खरीद छोटे ऐप के लिए काम कर सकती है।
एक साथ कई पेमेंट मॉडल लॉन्च करने से बचें—एक चुनें और स्पष्ट रखें।
सामान्य दृष्टिकोण:
पेइड टियर ऐसा महसूस कराना चाहिए कि “कम प्रयास में बेहतर नतीजे” मिलते हैं, न कि “अब आप ऐप का उपयोग कर ही नहीं सकते।”
शुरू में एक ही पेइड प्लान (मासिक + वार्षिक) रखें। बहुत अधिक टियर्स हिचकिचाहट पैदा करते हैं, सपोर्ट लोड बढ़ाते हैं, और ऑनबोर्डिंग को कठिन बनाते हैं। भविष्य में वास्तविक उपयोग डेटा होने पर आप विभाजन कर सकते हैं।
एक केंद्रित /pricing पेज बनाएं जो जवाब दे:
ट्रायल‑टू‑पेइड कन्वर्ज़न, चर्न और फीचर एंगेजमेंट (पेइड यूज़र्स क्या सच में उपयोग करते हैं) ट्रैक करें। डेटा छोटा पैकेजिंग बदलावों की मदद कर सकता है—छोटे ट्वीक बड़े रीडिज़ाइन से बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।
लॉञ्ज फ़िनिशलाइन नहीं है—यह सीखने की शुरुआत है कि लोग आपके प्रोडक्ट में असल में क्या करते हैं। पहले रिलीज़ को एक फोकस्ड एक्सपेरिमेंट की तरह ट्रीट करें: एक स्पष्ट MVP शिप करें, मुख्य व्यवहार मापें, और जल्दी सुधार करें।
Publish दबाने से पहले सरल चेकलिस्ट बनाएं:
ऐनालिटिक्स इवेंट्स सेट करें जो आपकी सफलता परिभाषा से मेल खाते हों। फिटनेस ट्रैकिंग ऐप के लिए शुरूआती हाई‑सिग्नल सेट:
प्रॉपर्टीज़ जोड़ें जैसे प्लान टाइप, वर्कआउट अवधि, और सेशन पूरा हुआ/छोड़ा गया/एडिट किया गया—यह मदद करता है यह पहचानने में कि उपयोगकर्ता कहाँ ड्रॉप करते हैं बिना डाटा में डूबे।
प्रारंभिक ग्रोथ ज्यादातर रिटेंशन है। इसे हल्का और सपोर्टिव रखें:
एक दिखाई देने वाला फीडबैक बटन, सिंपल FAQ और “इशू रिपोर्ट करें” फ़्लो जोड़ें। इनकमिंग संदेशों को श्रेणीबद्ध करें (बग्स, कंटेंट रिक्वेस्ट, फीचर आइडियाज) और उन्हें साप्ताहिक रूप से समीक्षा करें।
डेटा के आधार पर अगले इटरेशन प्लान करें:
सुधार छोटे बैचों में शिप करें, उन्हें अपने कोर इवेंट्स के खिलाफ वैलिडेट करें, और ऐप के अनुभव को केंद्रित रखें।
पहले एक वाक्य में एक वादा लिखकर शुरू करें जिसे उपयोगकर्ता दोहरा सकें, फिर केवल वही बनाएं जो उसे सपोर्ट करे।
उदाहरण:
इस वादे का उपयोग तय करने के लिए करें कि v1 में क्या नहीं बनाना है (उदा., सोशल फीड, वियरेबल्स, गहरी पर्सनलाइज़ेशन)।
ऐसा समूह चुनें जिनकी दिनचर्या और सीमाएँ मिलती-जुलती हों ताकि आपका ऑनबोर्डिंग, डिफॉल्ट और टेम्पलेट्स सुसंगत हों।
अच्छे शुरुआती सेगमेंट:
यदि अनिश्चित हों, तो वह ऑडियंस चुनें जिसे आप सबसे तेजी से इंटरव्यू और रिक्रूट कर सकें।
3–5 मीट्रिक्स चुनें जो आपके ऐप के मुख्य वादे और दैनिक हैबिट लूप को दर्शाएँ।
आम विकल्प:
शुरू में वैनिटी मीट्रिक्स (डाउनलोड बिना रिटेंशन) से बचें।
एक मजबूत MVP सबसे कम हिस्सों से वैल्यू प्रोव करे।
वर्कआउट प्लान ऐप के लिए व्यावहारिक MVP:
एडवांस फीचर्स (वियरेबल्स, सोशल, चैलेंज, न्यूट्रिशन) तब जोड़ें जब उपयोगकर्ता विश्वसनीय रूप से पहला सप्ताह पूरा करने लगें।
कुछ लोकप्रिय ऐप्स का स्कैन करें और पैटर्न, उपयोगकर्ता की निराशाएँ और जिसके लिए लोग पैसे देते हैं, निकालें।
फिर एक- वाक्य में अपना differentiator लिखें जिसे आप बचा सकें, जैसे:
“एक बिगिनर‑फ्रेंडली प्लानर जो 2 मिनट से कम में एक स्पष्ट 8‑सप्ताह का प्रोग्राम जनरेट करता है और पूरा किए गए सेट्स के आधार पर वज़न ऑटो‑एडजस्ट कर देता है।”
अगर आप इसे एक वाक्य में नहीं कह सकते, तो यह अभी पर्याप्त साफ़ नहीं है।
ऑनबोर्डिंग को न्यूनतम रखें और फर्स्ट विन (पहला वर्कआउट पूरा करना) के इर्द‑गिर्द रखें।
किस चीज़ की जरूरत है:
एक्स्ट्रा चीज़ें (इक्विपमेंट, चोटें, पसंद) बाद में छोटे प्रॉम्प्ट से लें। ऑनबोर्डिंग को संभव हो तो स्किप करने योग्य बनाएं।
ट्रैकिंग + प्लानिंग के लिए बेसिक चीज़ें मॉडल करें और रियल‑वर्ल्ड की गड़बड़ी (मिस्ड वर्कआउट, एडिट, टाइमज़ोन, ऑफ़लाइन) का ध्यान रखें।
आम एंटिटीज़:
व्यवहारिक नियम:
प्लान को संरचित पर लचीला रखें ताकि उपयोगकर्ता दिन मिस कर सकें बिना प्रोग्राम टूटे महसूस किए।
शामिल करें:
रियल‑लाइफ़ एडिट्स सपोर्ट करें:
कम एक्सरसाइज़ लेकिन उच्च‑गुणवत्ता गाइडेंस के साथ शुरू करें और नामकरण में संगति रखें।
सर्वोत्तम अभ्यास:
लक्ष्य: उपयोगकर्ता को 10 सेकंड में सुरक्षित विकल्प मिल जाए।
स्टैक चुनें जो आपकी टीम की ताकत और ज़रूरत के हिसाब से उपयुक्त हो—न कि सिर्फ ट्रेंडी होने की वजह से।
आम संरचना:
MVP के लिए बैकेंड बेसिक्स:
संवेदनशील परमिशन्स को संदर्भगत बनाएं (जरूरत के समय मांगे) और उपयोगकर्ता कंट्रोल दें जैसे एक्सपोर्ट और अकाउंट डिलीट।