जानें Webflow क्या है, इसका विज़ुअल एडिटर कैसे काम करता है, यह किसके लिए उपयुक्त है, और अगली साइट के लिए टेम्पलेट्स बनाम कस्टम कोड कब चुनें।

Webflow एक वेबसाइट बिल्डर है जो आपको विज़ुअली साइट डिज़ाइन, बिल्ड और प्रकाशित करने देता है—जैसे आप किसी डिज़ाइन टूल में काम कर रहे हों, लेकिन परिणाम एक असली प्रोडक्शन वेबसाइट होता है। सख्त थीम चुनकर बॉक्स भरने की बजाय, आप विज़ुअल एडिटर में लेआउट, स्पेसिंग, टाइपोग्राफी और रेस्पॉन्सिव व्यवहार नियंत्रित करते हैं, फिर प्रकाशित करते हैं।
यह आम तौर पर पारंपरिक ड्रैग‑एंड‑ड्रॉप टूल्स से अधिक डिजाइन नियंत्रण देता है, जबकि सब कुछ शून्य से कोड में बनाने से तेज़ होता है।
“नो‑कोड” का मतलब “कोई मेहनत नहीं” या “कोई टेक्निकल सोच नहीं” नहीं है। इसका मतलब है कि आप हाथ से कोड लिखे बिना साइट बना सकते हैं। Webflow आपके लिए बुनियादी HTML, CSS, और JavaScript जेनरेट करता है।
व्यवहार में इसका मतलब है:
Webflow कई प्रकार की वेबसाइटों के लिए पर्याप्त लचीला है, जिसमें शामिल हैं:
अगर आपका लक्ष्य एक हाईली कस्टम दिखने वाला मार्केटिंग साइट है जो तेज़ लोड हो और मोबाइल पर भी शानदार दिखे, तो Webflow अक्सर मजबूत विकल्प होता है।
Webflow आम तौर पर कस्टम डेवलपमेंट से तेज़ है क्योंकि आप सब कुछ शून्य से नहीं बना रहे होते। लेकिन यह “तुरंत” नहीं है। एक लर्निंग कर्व की उम्मीद रखें—विशेषकर अगर आप टेम्पलेट‑स्तर से आगे चाहते हैं।
एक बार जब आप सहज हो जाते हैं, तो Webflow एक व्यावहारिक तरीका हो सकता है पॉलिश्ड, रेस्पॉन्सिव वेबसाइट्स बनाने का बिना हर बदलाव के लिए डेवलपर पर निर्भर हुए।
Webflow को समझना आसान होता है जब आप इसे कुछ कोर हिस्सों में बाँट कर देखते हैं: जहाँ आप डिज़ाइन करते हैं, जहाँ आप कंटेंट मैनेज करते हैं, और साइट कैसे लाइव जाती है।
Designer वही है जहाँ आप पेज विज़ुअली बनाते हैं: सेक्शन जोड़ना, स्पेसिंग सेट करना, फोंट और रंग चुनना, और लेआउट्स को अलग स्क्रीन साइज़ के लिए रेस्पॉन्सिव बनाना। यही वह जगह है जहाँ आप इंटरैक्शंस बनाते हैं—उदाहरण के लिए बटन होवर इफ़ेक्ट, स्टिकी नेविगेशन, या स्क्रोल‑आधारित एनिमेशन—बिना JavaScript लिखे।
Webflow का CMS आपको कंटेंट की "collections" बनाने देता है जो साइट में दोहराती हैं। सामान्य उदाहरण:
हर पेज को मैन्युअली बनाने की बजाय, आप एक टेम्पलेट एक बार डिज़ाइन करते हैं और CMS सही कंटेंट से उसे भर देता है। यह खासकर उपयोगी है जब साइट समय के साथ बढ़नी हो।
एक व्यावहारिक वर्कफ़्लो में रोल्स को अलग करना अच्छा होता है:
Webflow आपकी साइट होस्ट भी कर सकता है और उसे Webflow स्टेजिंग URL पर या आपके कस्टम डोमेन पर प्रकाशित कर सकता है। पब्लिश करना आमतौर पर एक क्लिक का काम है, और Webflow पीछे के होस्टिंग सेटअप को संभालता है।
आप एक टेम्प्लेट से शुरू कर सकते हैं या किसी रेडी‑मेड प्रोजेक्ट को क्लोन कर सकते हैं, फिर उसे कस्टमाइज़ करें। स्पीड के लिए टेम्प्लेट बेहतरीन हैं; पूरी तरह कस्टम बिल्ड तब बेहतर है जब आप यूनिक स्ट्रक्चर, ब्रांड फील, या CMS सेटअप चाहते हों।
Webflow का विज़ुअल एडिटर आपको एक एलिमेंट (जैसे सेक्शन, हेडिंग, इमेज, या बटन) चुनकर उसके सेटिंग्स साइडबार में एडजस्ट करने देता है। CSS लिखने की बजाय, आप डिजाइन विकल्प चुन रहे होते हैं—स्पेसिंग, लेआउट, टाइपोग्राफी—और Webflow उनके पीछे HTML और CSS में बदल देता है।
वेब पेज पर हर एलिमेंट मूलतः एक आयत होता है। बॉक्स मॉडल वो तरीका है जिससे आप स्पेस कंट्रोल करते हैं:
Padding अंदर को roomy बनाता है; margin एलिमेंट्स को आपस में भीड़ने से बचाता है।
Webflow आपको आधुनिक लेआउट कंट्रोल देता है बिना कोड सिंटैक्स याद किए:
Webflow में ब्रेकपॉइंट्स होते हैं, जो अलग स्क्रीन साइज़ के प्रीसेट व्यूज़ हैं (डेस्कटॉप, टैबलेट, मोबाइल)। आप ब्रेकपॉइंट के अनुसार फ़ॉन्ट साइज़, स्पेसिंग, और लेआउट बदल सकते हैं ताकि डिज़ाइन छोटे स्क्रीन पर पढ़ने योग्य और उपयोगी रहे—बिना अलग पेज बनाने के।
दोहराव से बचने के लिए, Webflow इन पर निर्भर करता है:
आप होवर इफ़ेक्ट, स्क्रोल एनिमेशन, और टाइम्ड ट्रांज़िशन जोड़ सकते हैं—जैसे सेक्शन fade-in या स्क्रोल पर एलिमेंट मूव—Webflow के इंटरैक्शंस पैनल से। यह पॉलिश के लिए शक्तिशाली है, पर इसे इरादतन उपयोग करें ताकि पेज तेज़ और एक्सेसिबल रहें।
Webflow “नो‑कोड” जैसा लगता है क्योंकि आप विज़ुअली बनाते हैं, पर अंत परिणाम कोई प्रॉपेरिटरी रहस्य फ़ाइल नहीं है। जब आप पेज डिज़ाइन करते हैं, Webflow आपकी पसंदों को असली फ्रंट‑एंड बिल्डिंग ब्लॉक्स—HTML संरचना, CSS स्टाइलिंग, और इंटरैक्शंस के लिए JavaScript—में अनुवाद करता है।
क्योंकि Webflow मानक HTML/CSS/JS जनरेट करता है, आपकी साइट ब्राउज़र में सामान्य वेबसाइट की तरह व्यवहार करती है। इसका महत्व कई कारणों से है: पेज तेज़ लोड हो सकते हैं, ब्रेकपॉइंट्स पर स्टाइलिंग पूर्वानुमानित रहती है, और आपका काम उन टूल्स की तुलना में मेंटेन करना आसान होता है जो सब कुछ अपने सिस्टम के पीछे छुपाते हैं।
यह सहयोग को भी आसान बनाता है: एक डिज़ाइनर लेआउट और कंपोनेंट बना सकता है, और एक डेवलपर यह समझ सकता है कि अंडर द हुड क्या चल रहा है (क्लासेस, स्पेसिंग, रेस्पॉन्सिव नियम) बिना किसी "बिल्डर‑ओनली" फॉर्मेट को रिवर्स‑इंजीनियर किए।
कई ड्रैग‑एंड‑ड्रॉप बिल्डर ऐसे होते हैं जो तत्वों को कहीं भी रखने की स्वतंत्रता देते हैं, भले ही वह गंदा स्ट्रक्चर या असंगत स्पेसिंग पैदा करे। Webflow का Designer असली वेब डिज़ाइन की विज़ुअल इंटरफ़ेस के करीब है: सेक्शन, कंटेनर, flex/grid, और क्लास-आधारित स्टाइलिंग। नतीजा साइट के बढ़ने पर अधिक सुसंगत और स्केलेबल रहता है।
“No‑code” का मतलब “कोई कस्टम कोड नहीं” नहीं होता। आप एनालिटिक्स, चैट विजेट, कूकी बैनर, या एम्बेड्स के लिए छोटे स्क्रिप्ट जोड़ सकते हैं। कुछ टीमें जटिल फिल्टरिंग, A/B टेस्टिंग स्निपेट, या विशेष इंटीग्रेशंस के लिए कस्टम कोड भी जोड़ती हैं।
Webflow उन लोगों के लिए अच्छा है जो हर बदलाव के लिए डेवलपर पर निर्भर किए बिना एक पॉलिश्ड वेबसाइट शिप करना चाहते हैं—जबकि वे डिज़ाइन क्वालिटी और साफ़ स्ट्रक्चर की परवाह करते हैं।
अगर आप क्लाइंट्स के लिए साइट बनाते हैं, Webflow डिलीवरी तेज कर सकता है और हैंडऑफ्स कम कर सकता है। आप पुन: प्रयोज्य कंपोनेंट्स बना सकते हैं, स्टाइल्स को सुसंगत रख सकते हैं, और क्लाइंट को एक मैनेजेबल Editor एक्सपीरियंस दे सकते हैं। यह ब्रोशर साइट्स, पोर्टफोलियो, छोटे बिज़नेस साइट्स, और कंटेंट‑ड्रिवन मार्केटिंग वेबसाइट्स के लिए खासकर उपयोगी है।
मार्केटिंग टीमें अक्सर तेज़ी से कैम्पेन लॉन्च, मैसेजिंग टेस्ट, और पेज अपडेट करने की ज़रूरत में रहती हैं। Webflow का विज़ुअल एडिटर और बिल्ट‑इन होस्टिंग बदलाव प्रकाशित करना आसान बनाता है बिना डेवलपर स्प्रिंट के इंतज़ार के।
अगर आप फाउंडर हैं, Webflow MVP वेबसाइट की मूल ज़रूरतों को पूरा कर सकता है: मजबूत होमपेज, प्रोडक्ट पेजेस, ब्लॉग/चेंजलॉग, लीड कैप्चर, और बेसिक इंटीग्रेशंस।
हालाँकि, यह "पूरा एप्लिकेशन" बदलने वाली चीज़ नहीं है। अगर आपको असली प्रोडक्ट बनाना है (सिर्फ मार्केटिंग साइट नहीं), तो प्लेटफ़ॉर्म जैसे Koder.ai मददगार हो सकते हैं: आप चैट‑ड्रिवन वर्कफ़्लो से वेब, बैकएंड, और मोबाइल ऐप बना सकते हैं और फिर अपनी Webflow साइट को एप्लिकेशन से कनेक्ट कर सकते हैं।
डिज़ाइनर्स Webflow के साथ लोकप्रिय हैं क्योंकि यह लेआउट, टाइपोग्राफी, और रेस्पॉन्सिव वेब डिज़ाइन पर सूक्ष्म नियंत्रण देता है। आप इरादतन डिज़ाइन कर सकते हैं बजाय किसी सख्त थीम में फँसने के।
Webflow उन जटिल ऐप्स के लिए सबसे अच्छा नहीं है जिन्हें भारी कस्टम लॉजिक, उन्नत यूज़र परमिशन्स, या गहरे बैकएंड वर्कफ़्लो की ज़रूरत हो। उस स्थिति में, आप समर्पित ऐप स्टैक या तेज़ पथ चुनना चाहेंगे।
उदाहरण के लिए, Koder.ai विशेष रूप से पूरा ऐप बनाने के लिए बनाया गया है (React फ्रंट‑एंड, Go + PostgreSQL बैकएंड, और मोबाइल के लिए Flutter) एजेंट-आधारित, LLM‑पावर्ड बिल्ड फ्लो के साथ। कई टीमें मार्केटिंग साइट के लिए Webflow और प्रोडक्ट के लिए Koder.ai जैसा प्लेटफ़ॉर्म उपयोग करती हैं।
Webflow CMS वह हिस्सा है जो दोहराए जाने योग्य कंटेंट—जैसे ब्लॉग पोस्ट, टीम मेम्बर्स, केस स्टडीज़, या जॉब लिस्टिंग—को बिना हर बार पेज बनाये मैनेज करने देता है। आप एक बार कंटेंट स्ट्रक्चर परिभाषित करते हैं, डिज़ाइन करते हैं कि वह कैसे दिखे, और फिर आवश्यकतानुसार नए एंट्रीज़ जोड़ते हैं।
एक Collection को एक कंटेंट फोल्डर की तरह सोचें जिसके पास एक विशिष्ट टेम्पलेट होता है—जैसे “Blog Posts” या “Projects।” हर Collection के अंदर आप fields बनाते हैं, जो वह जानकारी हैं जिसे आप स्टोर करना चाहते हैं (टाइटल, थंबनेल इमेज, लेखक, कैटेगरी, रिच टेक्स्ट बॉडी, आदि)। हर व्यक्तिगत एंट्री एक item है (एक ब्लॉग पोस्ट, एक जॉब, एक प्रोजेक्ट)।
एक Collection बनने के बाद, Webflow जेनरेट कर सकता है:
अधिकांश Webflow CMS साइट्स कुछ सिद्ध पैटर्न्स का पालन करती हैं:
ये सेटअप डिज़ाइन को सुसंगत रखते हुए कंटेंट को बढ़ने देते हैं।
दैनिक अपडेट्स के लिए टीमें अक्सर काम दो भूमिकाओं में बाँटती हैं:
यह विभाजन सिस्टम को मेंटेनेबल रखता है—खासकर जब कई लोग साइट को छूते हों।
Webflow CMS संरचित कंटेंट के लिए शानदार है, पर यह असीमित नहीं है:
यदि आपकी साइट तेज़ी से बढ़ेगी, तो जल्दी से Collections मैप करना उपयोगी है ताकि CMS साफ़ बना रहे।
Webflow सिर्फ डिज़ाइन में मदद नहीं करता—यह होस्ट भी कर सकता है। इसका मतलब है आपकी Webflow साइट Webflow के मैनेज्ड होस्टिंग पर प्रकाशित हो सकती है बिना अलग सर्वर किराये पर लिए या सॉफ़्टवेयर इंस्टॉल किए।
पेड Site प्लान पर, Webflow होस्टिंग आमतौर पर देता है:
यदि आपको सर्वर सेटिंग्स पर पूरा नियंत्रण चाहिए, तो Webflow की मैनेज्ड होस्टिंग सीमित महसूस कर सकती है—लेकिन कई मार्केटिंग साइट्स के लिए यह प्रतिस्थापित है: कम मेंटेनेंस।
कस्टम डोमेन पर प्रकाशित करने का सामान्य प्रोसेस:
Webflow आपको कहां क्या वैल्यू भरनी है, यह गाइड करता है। DNS परिवर्तन के फैलने में समय लग सकता है।
तेज़ होस्टिंग के बावजूद भी प्रदर्शन गिर सकता है अगर पेज भारी हो। आप जिन सबसे बड़े फैक्टर्स को नियंत्रित कर सकते हैं:
Webflow बुनियादी होस्टिंग प्लेटफ़ॉर्म और पब्लिशिंग सिस्टम नियंत्रित करता है। आप अपने साइट बिल्ड की गुणवत्ता नियंत्रित करते हैं—पेज वेट, स्क्रिप्ट्स, CMS स्ट्रक्चर, और अनस्टेबल एम्बेड्स। अगर पेज धीमा लगता है, तो अक्सर यह डिज़ाइन/कंटेंट का मुद्दा होता है न कि "होस्टिंग"।
Webflow आपको बिना प्लगइन्स के ठोस ऑन‑पेज SEO कंट्रोल देता है। कुंजी यह जानना है कि वे कंट्रोल कहाँ मिलते हैं—और विज़ुअल बिल्डर्स कैसे अनजाने में SEO समस्याएं बना सकते हैं।
हर पेज (और प्रत्येक CMS आइटम) के लिए आप कस्टमाइज़ कर सकते हैं:
एक उपयोगी आदत: हर पेज को एक स्पष्ट टॉपिक की तरह समझें—एक प्राथमिक H1, सहायक H2s, और वर्णनात्मक टाइटल जो पेज के वास्तविक प्रश्न का उत्तर देते हों।
Webflow आपको पेज स्लग एडिट करने देता है ताकि आप URL को छोटा और पठनीय रख सकें (उदा., /services/web-design)।
अगर आप बाद में URL बदलते हैं, तो एक 301 redirect जोड़ें ताकि सर्च इंजन और पुराने लिंक्स डेड एंड पर न पहुँचें। Webflow एक ऑटो‑जेनरेटेड साइटमैप भी प्रदान करता है जिसे आप सर्च टूल्स में सबमिट कर सकते हैं।
Webflow CMS दोहराए जाने वाले SEO कार्यों में मदद करता है क्योंकि आप कर सकते हैं:
विज़ुअल एडिटर्स तेज़ डिज़ाइन करना आसान बनाते हैं, पर सावधान रहें:
SEO प्रगति नापने के लिए आमतौर पर आप एनालिटिक्स और वेरिफिकेशन टूल्स जोड़ते हैं—ट्रैकिंग ID या वेरिफिकेशन टैग साइट सेटिंग्स या पेज हेड में डालकर। पब्लिश करने के बाद, सुनिश्चित करें कि यह टूल वास्तविक‑टाइम या वेरिफिकेशन स्टेटस में काम कर रहा है—सिर्फ मान लेना कि स्निपेट इंस्टॉल हो गया।
Webflow में Ecommerce लेयर होती है जो आपको उसी विज़ुअली डिज़ाइन की गई साइट से सीधे बेचने देती है। यह अच्छा मेल खाता है जब प्रेजेंटेशन मायने रखता है (ब्रांड, लेआउट, स्टोरीटेलिंग) और आप अलग स्टोर थीम जोड़ना नहीं चाहते।
मूल रूप से, Webflow Ecommerce एक स्टोअरफ्रंट फ्लो सपोर्ट करता है: प्रोडक्ट कैटलॉग, प्रोडक्ट डिटेल पेजेस, कार्ट, और होस्टेड चेकआउट। आप प्रोडक्ट वेरिएंट्स (साइज़/रंग), बेसिक डिस्काउंट्स, और ऑर्डर मैनेजमेंट सेट कर सकते हैं, और प्रोडक्ट/कॅटेगरी पेज को बाकी साइट के अनुरूप डिज़ाइन कर सकते हैं।
Webflow Ecommerce अक्सर छोटे से मध्यम कैटलॉग के लिए पर्याप्त है जहाँ आप एक पॉलिश्ड मार्केटिंग साइट और सरल स्टोर चाहते हैं।
पर विचार करें अन्य प्लेटफ़ॉर्म यदि आपको उन्नत इनवेंटरी वर्कफ़्लोज़, जटिल प्रमोशन्स, मल्टी‑वेयरहाउस फ्ल फ़िलमेंट, जटिल टैक्स लॉजिक, या बड़ी ऐप इकोसिस्टम की ज़रूरत हो—ऐसे मामलों में समर्पित ई‑कॉमर्स प्लेटफ़ॉर्म ऑपरेशनल सिरदर्द कम कर सकते हैं।
Webflow अक्सर तब चमकता है जब आप कंटेंट और शॉपिंग को जोड़ते हैं। आप Webflow CMS का उपयोग गाइड्स, लुकबक्स, कंपैरिजन पेज, और कैंपेन लैंडिंग पेज प्रकाशित करने के लिए कर सकते हैं, और फिर उन एंट्रीज़ को सीधे प्रोडक्ट्स से लिंक कर सकते हैं—शिक्षा और स्टोरीटेलिंग के माध्यम से बेचने का तरीका।
Webflow की प्राइसिंग भ्रमित कर सकती है क्योंकि आप सिर्फ "एक वेबसाइट" नहीं खरीद रहे—आम तौर पर आप एक साइट प्रकाशित करने के लिए प्लान और (कभी-कभी) टीम मैनेजमेंट के लिए प्लान खरीदते हैं।
1) Site plans (पब्लिशिंग + होस्टिंग)
एक Site plan एक वेबसाइट (एक डोमेन) से जुड़ा होता है। यह कस्टम डोमेन पर प्रकाशित करने, Webflow होस्टिंग पाने, और—CMS प्लान पर—कंटेंट डेटाबेस चलाने के लिए ज़रूरी है।
2) Workspace (team) plans
Workspace प्लान बिल्ड के तरीके के बारे में होते हैं: सहयोग, अनुमतियाँ, स्टेजिंग, और आप अपने अकाउंट में कितनी साइटें मैनेज कर सकते हैं। अगर आप अकेले हैं, तो शुरुआत में ज़्यादा की ज़रूरत नहीं पड़ सकती।
3) Templates और थर्ड‑पार्टी टूल्स
कई टेम्प्लेट एक‑बार खरीदने पर पेड होते हैं। फिर ऐसे ऐड‑ऑन होते हैं जिन्हें आप चुन सकते हैं: फॉर्म्स टूल्स, कुकि बैनर, एनालिटिक्स, सर्च, मेंबरशिप्स, शेड्यूलिंग, या ऑटोमेशन (Zapier/Make)। ये मासिक लागतें धीरे-धीरे बढ़ सकती हैं।
करंट टियर्स और विकल्पों की तुलना करने के लिए देखें /pricing।
Webflow पहले फ्रेंडली लग सकता है (ड्रैग, ड्रॉप, पब्लिश), फिर चुनौतीपूर्ण हो जाता है जब आप चाहते हैं कि लेआउट हर स्क्रीन साइज पर बिल्कुल वैसा ही व्यवहार करे जैसा आप चाहते हैं। “कठिन भाग” छिपे हुए फीचर्स नहीं हैं—वे वेब की मूल अवधारणाएँ हैं।
लेआउट का सोचना सबसे बड़ा बदलाव है। आप बॉक्सेस के अंदर बॉक्सेस के साथ काम करेंगे (Sections, Containers, Divs) और Flexbox/Grid जैसे टूल्स। अगर स्पेसिंग "रैंडम" लगती है, तो आमतौर पर पैरंट एलिमेंट अलाइनमेंट, गैप, या साइजिंग नियंत्रित कर रहा होता है।
क्लास नेमिंग अगला हर्डल है। हर एलिमेंट के लिए नई क्लास बनाना आकर्षक है, पर इससे प्रोजेक्ट जल्दी गंदा हो जाता है। Webflow पुन: उपयोग को प्रोत्साहित करता है: कुछ सुविचारित क्लासेस दर्जनों वन‑ऑफ्स से बेहतर हैं।
रेस्पॉन्सिविटी लोगों को चौंका सकती है। आप अलग साइट नहीं बना रहे—आप नियम सेट कर रहे हैं जो अनुकूलित होते हैं। टैबलेट या मोबाइल पर किसी स्टाइल को बदलना उस ब्रेकपॉइंट और छोटे व्यूज़ पर लागू होता है, इसलिए डेस्कटॉप पहले डिजाइन करें और फिर नीचे संपादित करें।
एक टेम्प्लेट से शुरू करें, फिर छोटे एडिट्स करें (रंग, टाइप, स्पेसिंग)। अगले चरण में एक कस्टम सेक्शन खुद बनाएं (जैसे हीरो या FAQ)। उसके बाद, कंटेंट को CMS से जोड़ें और एक पेज rebuild करें ताकि वह Collections से ड्राइव हो। यह प्रगति आपको सीखते हुए भी शिप करने मदद करती है।
शुरू में एक साधारण style guide page बनाएं: हेडिंग्स, बटन्स, फॉर्म्स, और स्पेसिंग ब्लॉक्स।
स्पष्ट नामकरण का उपयोग करें (उदा.: section-home-hero, btn-primary, card-feature) और अस्पष्ट क्लासेस जैसे new-div से बचें।
दोहराए UI के लिए Components पर निर्भर रहें (nav, footer, banners)। एक बार अपडेट करें, सभी जगह पर लागू हो जाएगा।
पहले style guide और प्रमुख components परिभाषित करें। फिर कंटेंट एडिटर्स सुरक्षित रूप से CMS फील्ड्स अपडेट कर सकते हैं बिना लेआउट को छुए। मार्केटिंग टीमें अक्सर "सेफ ज़ोन" अप्रोच अपनाती हैं: लॉक्ड स्ट्रक्चर, एडिटेबल कंटेंट, और एक छोटा प्री‑पब्लिश चेकलिस्ट (लिंक्स, मेटाडेटा, और मोबाइल रिव्यू)।
Webflow एक मध्य भूमि में बैठता है: ज्यादातर "बिल्डर" प्लेटफ़ॉर्म से अधिक डिजाइन नियंत्रण, और पूरी तरह कस्टम कोड से कम डेवलपर ओवरहेड। पर यह हर किसी के लिए डिफ़ॉल्ट नहीं है।
Webflow: कस्टम, रेस्पॉन्सिव डिज़ाइन के लिए विज़ुअल एडिटर और साफ़ HTML/CSS आउटपुट। मार्केटिंग साइट्स और CMS‑ड्राइवेन पेजेस के लिए शानदार, मैनेज्ड होस्टिंग के साथ।
WordPress: अधिकतम एक्स्टेंसिबिलिटी और प्लगइन इकोसिस्टम के लिए सर्वश्रेष्ठ। आप सामान्यतः सरलता के बदले फ्लेक्सिबिलिटी पाते हैं (थीम्स, प्लगइन्स, अपडेट्स, परफॉर्मेंस ट्यूनिंग)। तुलना के लिए देखें /blog/webflow-vs-wordpress।
Squarespace: कम सेटअप और त्वरित, पॉलिश्ड साइट्स के लिए बेहतर। डिजाइन फ्लेक्सिबिलिटी Webflow से कम सीमित है। अधिक संदर्भ के लिए /blog/webflow-vs-squarespace देखें।
Wix: तेज़ DIY बिल्ड्स और कई इन‑बिल्ट फीचर्स के लिए अच्छा। शुरूआत आसान है, पर जैसे‑जैसे साइट बढ़ती है, एडवांस्ड लेआउट कंट्रोल और दीर्घकालिक मेंटेनेबिलिटी चुनौतीपूर्ण हो सकती है।
अगर आपका अंत लक्ष्य एक पूरा प्रोडक्ट है (सिर्फ वेबसाइट नहीं), तो अपने स्टैक को जोड़कर सोचें: मार्केटिंग पृष्ठों के लिए Webflow और एप्लिकेशन‑लेयर के लिए समर्पित ऐप बिल्डर। उदाहरण के लिए, Koder.ai चैट इंटरफ़ेस से वेब, सर्वर और मोबाइल ऐप जनरेट कर सकता है, सोर्स कोड निर्यात, डिप्लॉयमेंट/होस्टिंग, कस्टम डोमेन्स, और स्नैपशॉट्स/रोलबैक के विकल्प के साथ—जब आप कंटेंट साइट से आगे तेज़ी से बढ़ना चाहते हों तो उपयोगी।
इन प्रश्नों को चुनने से पहले पूछें:
Webflow चुनें अगर डिज़ाइन क्वालिटी और रेस्पॉन्सिविटी प्राथमिकताएँ हैं, आप सर्वर मैनेज किए बिना CMS चाहते हैं, और आपकी साइट मुख्यतः मार्केटिंग/कंटेंट है।
Webflow से बचें अगर आपको भारी प्लगइन‑शैली कार्यक्षमता, जटिल नेटिव मेंबरशिप्स, या अत्यधिक कस्टम बैकएंड लॉजिक चाहिए—WordPress या कस्टम बिल्ड बेहतर हो सकते हैं (या अगर आप असली एप्लिकेशन बना रहे हैं तो ऐप‑फोकस्ड प्लेटफ़ॉर्म)।
Webflow एक विज़ुअल वेबसाइट बिल्डर है जो आपको लेआउट डिज़ाइन करने, टाइपोग्राफी और स्पेसिंग स्टाइल करने, और बिना हाथ से कोड लिखे एक असली वेबसाइट प्रकाशित करने देता है। पीछे की तरफ, यह मानक HTML, CSS, और JavaScript जनरेट करता है, इसलिए जो आप बनाते हैं वह ब्राउज़र में सामान्य वेबसाइट की तरह व्यवहार करता है।
“नो‑कोड” का मतलब है कि आप साइट का अधिकांश हिस्सा एक विज़ुअल इंटरफ़ेस में बना सकते हैं बजाय हाथ से कोड लिखने के—लेकिन फिर भी आपको वेब की अवधारणाओं के बारे में सोचना होगा।
Webflow कई मार्केटिंग और कंटेंट-ड्रिवन साइट्स संभाल सकता है, जैसे:
यदि आपको एक अत्यधिक कस्टम वेब एप्लिकेशन चाहिए जिसमें जटिल बैकएंड लॉजिक और परमिशन हों, तो Webflow सबसे बेहतर विकल्प नहीं हो सकता।
Designer को संरचना और स्टाइलिंग के लिए और Editor को कंटेंट अपडेट के लिए उपयोग करें।
इस विभाजन से टीमें आकस्मिक डिजाइन ब्रेकेज़ से बचती हैं जबकि कंटेंट ताज़ा रखा जा सकता है।
Webflow CMS दोहराए जाने वाले, संरचित कंटेंट के लिए है। आप बनाते हैं:
फिर आप एक टेम्पलेट एक बार डिज़ाइन करते हैं और Webflow सूची और व्यक्तिगत पेज स्वतः जेनरेट करता है।
दोनों लेआउट सिस्टम हैं, पर अलग समस्याएँ सुलझाते हैं:
व्यावहारिक नियम: सरल अलाइनमेंट के लिए पहले Flex का प्रयोग करें; जब लगातार रो/कॉलम चाहिए हों तो Grid पर स्विच करें।
Webflow breakpoints का उपयोग करता है (डेस्कटॉप, टैबलेट, मोबाइल) ताकि आप स्क्रीन साइज़ के अनुसार स्टाइल समायोजित कर सकें।
आप अलग साइट नहीं बना रहे—आप रेस्पॉन्सिव नियम सेट कर रहे हैं।
पेड Site प्लान पर, Webflow होस्टिंग आमतौर पर SSL (HTTPS), एक CDN, और मैनेज्ड इन्फ्रास्ट्रक्चर शामिल करता है। कस्टम डोमेन पर प्रकाशित करने के लिए:
DNS परिवर्तन पूरी तरह फैलने में समय ले सकते हैं, इसलिए लॉन्च से पहले थोड़ा समय दें।
Webflow में प्लगइन की ज़रूरत के बिना मजबूत ऑन-पेज SEO कंट्रोल होते हैं:
कीमतें आमतौर पर कुछ भागों में आती हैं:
चुनने से पहले विचार करें: क्या आपको अभी कस्टम डोमेन और होस्टिंग चाहिए, क्या आप CMS/Ecommerce की ज़रूरत देखते हैं, और किसे एक्सेस चाहिए। वर्तमान टियर देखने के लिए /pricing चेक करें।
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